Monthly Archives: October, 2011

कहीं ऐसा ना हो कि…

उलझी हुई है हमारी जिंदगी भी कुछ wires की तरह.. कोई उलझन थोड़ी हलकी है तो कोई समेटे है कई को एक साथ LAN की cable की तरह.. Time की screen पर चल रहा life का slide show.. कुछ में content ज्यादा हो गया तो कुछ में सिर्फ title रह गया.. अभी कुछ कदम ही …

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