कहीं ऐसा ना हो कि…

उलझी हुई है हमारी जिंदगी भी
कुछ wires की तरह..
कोई उलझन थोड़ी हलकी है
तो कोई समेटे है कई को एक साथ
LAN की cable की तरह..

Time की screen पर चल रहा
life का slide show..
कुछ में content ज्यादा हो गया
तो कुछ में सिर्फ title रह गया..

अभी कुछ कदम ही तो चले थे
की नयी मुसीबत ने light red कर दी..
इससे पहले कि light green होती
और problems की line लग गयी..

समझ नहीं आता किसको संभाले
Office में Boss को या घर में बच्चों को
एक को खुश करो तो दूसरा नाराज हो जाता है
Boss का गुस्सा झेल नहीं पाते
और बच्चे उदास देखे नहीं जाते..

Call rates कम होने से
दूरियाँ भले ही घट गयीं हो..
पर आपसी प्यार तो
network congestion में फंसता ही जा रहा है..

Insurance करवा दिया है हमने
family की खुशियों का भी..
साथ बैठने की फुर्सत ना रही
बस TATA sky लगा डाला
और life झिंगालाला..

कुछ दिन और, फिर तो अपनों के लिए
वक़्त भी लोन लेना पड़ेगा..
पर उसका भी कोई फायदा नहीं
क्योंकि उसके बाद तो
installments भरने का वक़्त भी नहीं रहेगा..

भूल चुके हैं हम क्या होता है
माँ के हाथ का स्वाद ..

जब भी कुछ खाने का मन हो
बस pizza burger ही आते हैं याद
cold drink साथ में हो तभी तो असली मज़ा है
वैसे भी इस body में ख़राब होने को अभी काफी कुछ बचा है..

आज कल offers का जमाना है..
तो इस lifestyle के साथ भी free मिली हैं
ढेर सारी बीमारियाँ..
जो रहती हैं जिंदगी के साथ भी
जिंदगी के बाद भी…

Show off की इस blind race में
हम अनदेखा कर चुके हैं
अपने को और अपनों को..

कहीं ऐसा ना हो कि
1 दिन हम Branded tag से सजी
एक dummy बनकर रह जाएँ..
और 50+40% की Sale में
हमारी सारी खुशियाँ बिक जाएँ ..

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1 Comment

  1. Wow….nice writing.

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